नोएडा शहर में हाल ही में वेतन वृद्धि संबंधी मुद्दे को लेकर जो उथल-पुथल मची उसके पीछे का सच सामने आया है। पुलिस की गहन जांच से पता चला है कि यह विवाद केवल स्थानीय मुद्दा नहीं था, बल्कि इसके पीछे दूरस्थ राज्यों से समन्वित प्रयास थे। तेलंगाना और कर्नाटक में बैठे व्यक्तियों द्वारा व्हाट्सएप जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिये भड़काऊ संदेश भेजे गए थे।
इस घटना से यह स्पष्ट होता है कि कैसे दूरस्थ स्थानों से तकनीकी माध्यमों का दुरुपयोग करके किसी शहर में तनाव और अव्यवस्था पैदा की जा सकती है। नोएडा पुलिस की टीम ने इन संदेशों को ट्रैक करने में सफलता पाई और पाया कि ये लगभग 1823 किलोमीटर की दूरी से प्रेषित किए गए थे। यह दूरी नोएडा से तेलंगाना और कर्नाटक तक की वास्तविक दूरी के अनुरूप है।
जांच में यह भी सामने आया कि एक संगठित प्रचार अभियान चलाया गया था, जिसका उद्देश्य स्थानीय श्रमिकों को भड़काना और सामाजिक कलह पैदा करना था। व्हाट्सएप समूहों में भेजे गए ये संदेश तथ्यों पर आधारित नहीं थे, बल्कि भ्रामक और राजनीतिक रूप से प्रेरित थे। प्रशासन ने कहा है कि इस तरह के प्रयास राष्ट्रीय एकता और सामाजिक सद्भावना को नुकसान पहुंचाते हैं।
साइबर क्राइम विशेषज्ञों की राय में डिजिटल माध्यमों के दुरुपयोग के ऐसे मामले बढ़ते जा रहे हैं। नोएडा प्रशासन ने नागरिकों को सतर्क रहने और सोशल मीडिया पर साझा किए जाने वाले संदेशों को सत्यापित करने की सलाह दी है। अधिकारियों ने कहा है कि आने वाले दिनों में ऐसी गतिविधियों पर और भी कड़ी नजरदारी रखी जाएगी ताकि शहर में शांति और सौहार्द बना रहे।