नोएडा और ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण द्वारा श्रम नियमों के भीषण उल्लंघन के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जा रही है। प्रशासन ने 24 कारखानों में काम करने वाले 203 ठेकेदारों के लाइसेंस निरस्त करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इन ठेकेदारों पर श्रम कानूनों का प्रत्यक्ष उल्लंघन का आरोप लगाया गया है।
श्रम विभाग द्वारा किए गए अनुमानित 1.16 करोड़ रुपये के जुर्माने का नोटिस इन अनुपालन न करने वाले ठेकेदारों को भेजा जा चुका है। यह कार्रवाई कर्मचारियों के अधिकारों की रक्षा और न्यायसंगत कार्य परिस्थितियों को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से की जा रही है। प्रशासन का मानना है कि इस तरह की सख्त कार्रवाई से अन्य ठेकेदार भी कानूनी पालन को गंभीरता से लेंगे।
लाइसेंस निरस्त करने के अलावा, प्रशासन इन एजेंसियों को औद्योगिक ब्लैकलिस्ट में डालने की प्रक्रिया भी शुरू कर चुका है। इससे ये कंपनियां भविष्य में किसी भी सरकारी परियोजना में भाग नहीं ले सकेंगी। श्रम कानून उल्लंघन के तहत वेतन में देरी, अनुचित कार्य घंटे, सुरक्षा मानकों का पालन न करना और न्यूनतम मजदूरी न देना जैसी गंभीर खामियां पाई गई थीं।
यह कार्रवाई नोएडा-ग्रेटर नोएडा क्षेत्र में श्रम कानूनों के प्रति प्रशासन की कठोर नीति को दर्शाती है। श्रमिकों के हितों की रक्षा के लिए नियमित निरीक्षण और जांच की जाएगी। प्राधिकरण सभी औद्योगिक इकाइयों से अपील करता है कि वे श्रम कानूनों का सख्ती से पालन करें और कर्मचारियों के साथ न्यायसंगत व्यवहार सुनिश्चित करें।