फतेहपुर जिले में एक नाटकीय घटनाक्रम सामने आया है जहां खाद्य सुरक्षा विभाग ने बेहरा चौकी के पास स्थित एक लोकप्रिय चाय की दुकान पर छापेमारी की है। विभाग की टीम ने दुकान से चाय के नमूने संग्रहित किए और उन्हें प्रयोगशाला में जांच के लिए भेजा गया है। यह कार्रवाई तब सामने आई जब समाचार माध्यमों में यह खबर प्रकाशित हुई कि पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने लगभग दो महीने पहले इसी दुकान पर चाय पी थी।
दुकानदार के अनुसार, खाद्य विभाग की यह अचानक छापेमारी अचानक और राजनीतिक उद्देश्य से की गई है। उन्होंने दावा किया है कि वह वर्षों से समान गुणवत्ता के साथ चाय परोसते आ रहे हैं और कभी भी शिकायत नहीं मिली है। दुकानदार का कहना है कि अखिलेश यादव के दुकान का दौरा करने के बाद ही विभाग की ओर से यह कार्रवाई की गई है, जिससे वह अपने को भारी आर्थिक और सामाजिक नुकसान का शिकार महसूस कर रहा है।
फतेहपुर जिले में खाद्य सुरक्षा विभाग की ऐसी कार्रवाइयां समय-समय पर विवाद का विषय बनी रहती हैं। विभाग का कर्तव्य सार्वजनिक स्वास्थ्य की सुरक्षा सुनिश्चित करना है, लेकिन इस बार की कार्रवाई को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं कि क्या यह निर्णय पूरी तरह तकनीकी आधार पर लिया गया है या कोई राजनीतिक कारण हैं। अभी तक खाद्य विभाग की ओर से किसी सख्त आरोप का कोई विवरण सामने नहीं आया है।
इस घटना ने स्थानीय स्तर पर राजनीतिक तनाव बढ़ाया है। समाजवादी पार्टी के समर्थक और दुकानदार का पक्ष लेने वाले लोग इसे सत्तापक्ष द्वारा विरोधी दल पर राजनीतिक दबाव माने जा रहे हैं। दूसरी ओर, प्रशासन का तर्क है कि खाद्य सुरक्षा जांच नियमित प्रक्रिया के तहत की जाती है। प्रयोगशाला की रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगा कि वास्तव में क्या पाया गया है।