रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच यूक्रेन के राष्ट्रीय सुरक्षा प्रमुख भारत की आधिकारिक यात्रा पर आए हैं। इस यात्रा के दौरान उन्होंने भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल के साथ व्यापक और गहन वार्ता की है। यह मुलाकात दोनों देशों के बीच सुरक्षा सहयोग और कूटनीतिक संबंधों को नई ऊंचाई पर ले जाने के लिए महत्वपूर्ण है।
यूक्रेन के शीर्ष सुरक्षा अधिकारी की भारत यात्रा इस बात का प्रमाण है कि नई दिल्ली यूक्रेन के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दिखाने के लिए कितनी गंभीर है। भारत ने हमेशा से यूक्रेन की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का समर्थन किया है। इस यात्रा में दोनों पक्षों के बीच सुरक्षा मामलों, आतंकवाद विरोधी सहयोग और क्षेत्रीय स्थिरता पर विचार-विमर्श हुआ है।
विदेश मंत्री जयशंकर ने यूक्रेनी प्रतिनिधिमंडल से मिलकर भारत-यूक्रेन संबंधों की मजबूती पर जोर दिया है। दोनों देश ऐतिहासिक रूप से सांस्कृतिक, आर्थिक और सामरिक संबंधों से बंधे हुए हैं। राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल ने भी इस बैठक में भारत की सुरक्षा नीति और क्षेत्रीय स्थिति पर विस्तार से जानकारी प्रदान की।
इस यात्रा के माध्यम से भारत ने यह स्पष्ट किया है कि वह एक जिम्मेदार वैश्विक शक्ति के रूप में अंतर्राष्ट्रीय कानून और संयुक्त राष्ट्र चार्टर के सिद्धांतों में विश्वास करता है। यूक्रेन के साथ भारत के संबंध द्विपक्षीय हितों से परे हैं और वैश्विक शांति एवं सुरक्षा को बढ़ावा देने का एक महत्वपूर्ण साधन हैं। आने वाले समय में दोनों देशों के बीच और भी अधिक सहयोग की संभावनाएं हैं।