शनिवार, 18 अप्रैल 2026
एडमिन|भाषा: हिंदी
शु

शुक्रवार

SHUKRAWAAR • Hindi News

भारत

होर्मुज जलडमरूमध्य पर ईरान की कड़ी रुख, अमेरिका पर संधि भंग का आरोप

ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य में अपनी सख्ती बढ़ा दी है और अमेरिका पर परमाणु समझौता तोड़ने का गंभीर आरोप लगाया है। इस कदम से पश्चिमी एशिया में तनाव और गहरा गया है जबकि अंतरराष्ट्रीय समुद्री व्यापार प्रभावित हो सकता है।

18 अप्रैल 20262 घंटे पहलेस्रोत: शुक्रवार संवाददाता0 बार पढ़ा गया
शेयर करें:
होर्मुज जलडमरूमध्य पर ईरान की कड़ी रुख, अमेरिका पर संधि भंग का आरोप

पश्चिमी एशिया में राजनीतिक तनाव में नई खटास आई है। ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य के मुद्दे पर अपनी सख्ती में और इजाफा किया है। यह महत्वपूर्ण जलमार्ग विश्व के तेल व्यापार का एक प्रमुख केंद्र है और इसे लेकर ईरान की कार्रवाइयां अंतरराष्ट्रीय समुद्री वाणिज्य को प्रभावित कर सकती हैं।

ईरान ने अमेरिका पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि वह परमाणु समझौते की शर्तों का पालन नहीं कर रहा है। तेहरान के अनुसार, अमेरिका ने 2015 की परमाणु संधि को एकतरफा तोड़ा है, जिससे ईरान को अपनी सुरक्षा नीति में कड़े कदम उठाने के लिए मजबूर होना पड़ा है। ईरान का कहना है कि यह संधि का सम्मान करने के लिए तैयार है, लेकिन अमेरिका की अड़ियल रुख इसे असंभव बना रहा है।

होर्मुज जलडमरूमध्य की स्थिति दिन-ब-दिन गंभीर हो रही है। इस क्षेत्र में ईरान की नौसेना की गतिविधियां तेज हुई हैं, जिससे अंतरराष्ट्रीय समुद्री समुदाय चिंतित है। विश्व के लगभग 30 प्रतिशत तेल व्यापार इसी जलमार्ग से होकर गुजरता है, इसलिए इस क्षेत्र में किसी भी प्रकार की अस्थिरता का वैश्विक प्रभाव पड़ता है।

अमेरिका इस स्थिति पर नजर रख रहा है और अपनी सैन्य तैयारी को भी बढ़ा रहा है। प्रशासन के पदाधिकारियों ने कहा है कि वे होर्मुज जलडमरूमध्य में अंतरराष्ट्रीय व्यापार को सुरक्षित रखने के लिए प्रतिबद्ध हैं। इसके साथ ही, इस क्षेत्र में इजराइल और लेबनान के बीच भी तनाव बढ़ा हुआ है, जो समस्या को और जटिल बना रहा है।

विशेषज्ञों का मानना है कि इस संकट से निपटने के लिए राजनयिक प्रयास आवश्यक हैं। ईरान और अमेरिका के बीच संवाद की कमी मुद्दे को सुलझाना मुश्किल बना रही है। अंतरराष्ट्रीय संगठनों से इस विवाद के शांतिपूर्ण समाधान की अपेक्षा की जा रही है ताकि क्षेत्रीय शांति और वैश्विक व्यापार दोनों सुरक्षित रहें।

टैग:
ईरानहोर्मुज जलडमरूमध्यअमेरिकापरमाणु समझौतापश्चिमी एशियातनावअंतरराष्ट्रीय व्यापार
शेयर करें:

भारत की और ख़बरें

और पढ़ें →