प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महिला आरक्षण विधेयक को लेकर विपक्षी दलों की कड़ी आलोचना की है। एक सार्वजनिक अनुष्ठान में मोदी ने कहा कि जो दल महिला आरक्षण का विरोध कर रहे हैं, वे वास्तव में महिलाओं के संरक्षण में विश्वास नहीं करते। उन्होंने सीधे आरोप लगाते हुए कहा कि ये दल 'भ्रूण हत्या के गुनहगार' हैं।
पीएम मोदी ने अपने भाषण में कम से कम चार प्रमुख विपक्षी दलों का नामोल्लेख किया और उन पर महिलाओं के विरुद्ध भेदभावपूर्ण नीतियां अपनाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि महिला आरक्षण बिल देश की महिलाओं को सशक्त बनाने का एक ऐतिहासिक कदम है, लेकिन कुछ राजनीतिक दल इसका विरोध कर रहे हैं। मोदी ने जोर देकर कहा कि इसका कारण केवल राजनीतिक स्वार्थ है, न कि कोई संवैधानिक या नैतिक आपत्ति।
चुनावी राज्यों का जिक्र करते हुए, पीएम मोदी ने उत्तर प्रदेश का विशेष उल्लेख किया और कहा कि यहां की जनता को इन विपक्षी दलों की असली नीयत समझनी चाहिए। उन्होंने दावा किया कि भाजपा सरकार हमेशा से महिलाओं के अधिकारों और सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। मोदी ने महिला आरक्षण बिल को एक मील का पत्थर बताया जो देश में लोकतांत्रिक प्रक्रिया में महिलाओं की भागीदारी को बढ़ाएगा।
पीएम के इस बयान ने राजनीतिक क्षेत्र में काफी बहस खड़ी कर दी है। विपक्षी दल इन आरोपों को खारिज कर रहे हैं और कहते हैं कि उनका विरोध महिला आरक्षण से नहीं, बल्कि इसके कार्यान्वयन के तरीके से है। हालांकि, सरकार का मानना है कि महिला आरक्षण बिल एक समावेशी लोकतंत्र की ओर एक महत्वपूर्ण कदम है।