दिल्ली पुलिस की विशेष प्रकोष्ठ (स्पेशल सेल) ने एक संगठित आतंकवादी षड्यंत्र को उजागर करते हुए चार संदिग्ध तत्वों को गिरफ्तार किया है। ये युवक महाराष्ट्र, ओडिशा और बिहार जैसे विभिन्न राज्यों से जुड़े हुए थे और खतरनाक आतंकवादी गतिविधियों में सक्रिय रूप से संलिप्त थे। पुलिस की जांच में यह तथ्य सामने आया है कि ये आरोपी देश की सबसे महत्वपूर्ण धार्मिक और राजनीतिक संरचनाओं को निशाना बनाने की भयानक योजना बना रहे थे।
गिरफ्तार किए गए आतंकवादियों की योजना अत्यंत विस्तृत और सुसंगठित थी। इन्होंने राम मंदिर और भारतीय संसद भवन को अपने हमलों का प्रमुख लक्ष्य निर्धारित किया था। इन संवेदनशील स्थलों पर हमले की तैयारी के लिए आरोपियों ने पहले से ही विस्तृत जानकारी इकट्ठी की थी और इन स्थानों की बारीकियों की रेकी भी कर चुके थे। यह सुरक्षा व्यवस्था को परखने के लिए किया गया पूर्व-नियोजित प्रयास था।
सबसे गंभीर पहलू यह है कि ये आतंकवादी खिलौना कारों का उपयोग करके विस्फोटक उपकरणों को तैनात करने की योजना बना रहे थे। यह तकनीक आधुनिक आतंकवादी संगठनों द्वारा अपनाई जाने वाली एक चालाकीपूर्ण विधि है जो सुरक्षा एजेंसियों की सतर्कता को चकमा देने में सक्षम होती है। छोटे खिलौने की कार के माध्यम से भारी विस्फोटक ले जाना और संवेदनशील स्थलों पर विस्फोट करना उनकी रणनीति का हिस्सा था।
दिल्ली पुलिस की इस सफल कार्रवाई को देश की सुरक्षा व्यवस्था के लिए एक महत्वपूर्ण जीत माना जा रहा है। समय पर इन आतंकवादियों को पकड़े जाने से देश के अंदर एक बड़ी त्रासदी टली है और हजारों जानें बचाई गई हैं। जांच अभी जारी है और पुलिस आरोपियों के पूरे नेटवर्क और उनके संरक्षकों की पहचान करने में लगी है।