तमिलनाडु के सबसे दक्षिणी जिले कन्याकुमारी में राहुल गांधी ने शुक्रवार को एक विस्फोटक राजनीतिक भाषण दिया। उन्होंने अपने संबोधन में मुख्य रूप से राष्ट्रीय जनता दल और भारतीय जनता पार्टी की नीतियों की आलोचना की। राहुल गांधी ने कहा कि एआईएडीएमके ने अपनी स्वतंत्र पहचान खो दी है और भाजपा के सामने पूरी तरह से समर्पित हो गई है।
कांग्रेस नेता ने अपने भाषण में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की विचारधारा पर भी कठोर प्रहार किए। उन्होंने कहा कि आरएसएस की संकीर्ण राजनीतिक दृष्टिकोण देश की विविधता और बहुलवादी संस्कृति के लिए खतरा है। राहुल ने जोर देकर कहा कि भारत अपनी वैचारिक स्वतंत्रता और सांस्कृतिक विविधता के कारण मजबूत है, न कि किसी एक विचारधारा के अधीन होकर।
कन्याकुमारी की जनसभा में हजारों समर्थकों की मौजूदगी में राहुल गांधी ने कहा कि तमिलनाडु का समृद्ध इतिहास, द्रविड़ आंदोलन की विरासत और सामाजिक न्याय की परंपरा को सुरक्षित रखना प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है। वे बार-बार कहते रहे कि जब राज्य की स्थानीय पार्टियां राष्ट्रीय दलों के सामने आत्मसमर्पण कर देती हैं तो जनता के हित की बात दरकिनार हो जाती है।
उन्होंने अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए कहा कि कांग्रेस पार्टी भारत के संविधान में आस्था रखती है और हर राज्य की सांस्कृतिक और राजनीतिक स्वायत्तता का सम्मान करती है। राहुल गांधी ने लोगों से आह्वान किया कि वे एक ऐसी राजनीतिक शक्ति को समर्थन दें जो देश की एकता को बनाए रखते हुए विविधता का पालन-पोषण करे। कन्याकुमारी की यह रैली कांग्रेस की तमिलनाडु में राजनीतिक उपस्थिति को मजबूत करने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।