ईरान के सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई ने शुक्रवार को अपनी सेना को एक महत्वपूर्ण संदेश दिया है। उन्होंने सैन्य कमांडरों को निर्देश दिया है कि वे किसी भी संकट की स्थिति में 'बिजली की गति से' आक्रामक कार्रवाई करने के लिए तैयार रहें। यह घोषणा तेहरान और अंतर्राष्ट्रीय समुदाय के बीच चल रहे तनावों के बीच की गई है।
खामेनेई के इस निर्देश को क्षेत्र में बढ़ती सैन्य तनाव का संकेत माना जा रहा है। ईरानी नेतृत्व लगातार अपनी सैन्य तैयारियों को मजबूत करने पर जोर दे रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह संदेश मुख्य रूप से इस्राइल और अमेरिका को निशाना बनाकर दिया गया है। ईरान पिछले कई महीनों से इस क्षेत्र में अपनी सैन्य क्षमताओं का प्रदर्शन कर रहा है।
इस घोषणा से अंतर्राष्ट्रीय राजनीति में हलचल मच गई है। पश्चिमी देश और इजराइल ने इस बयान को गंभीरता से लिया है और अपनी सतर्कता बढ़ा दी है। संयुक्त राष्ट्र सहित विभिन्न अंतर्राष्ट्रीय संगठनों ने इस तरह के आक्रामक बयानों के खिलाफ चिंता व्यक्त की है। मध्य पूर्व में शांति बनाए रखने के लिए कूटनीतिक प्रयास तेज किए जा रहे हैं।
भारत सहित कई देशों ने इस मामले पर अपनी चिंता दर्ज की है क्योंकि यह क्षेत्रीय शांति को प्रभावित कर सकता है। ईरान के इस कदम से अंतर्राष्ट्रीय बाजारों में भी उथल-पुथल देखी जा रही है। सुरक्षा विश्लेषकों का कहना है कि आने वाले दिनों में क्षेत्र में किसी भी अप्रत्याशित घटना की संभावना बनी हुई है। भारत सरकार इस स्थिति की बारीकी से निगरानी कर रही है और अपनी नीति को उचित तरीके से संचालित कर रही है।