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आबकारी नीति मामले में केजरीवाल का दिल्ली हाईकोर्ट में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से पेशगी

आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल सोमवार को आबकारी नीति विवाद से जुड़े मामले में दिल्ली हाईकोर्ट में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पेश होंगे। न्यायाधीश शर्मा की बेंच द्वारा न्यायालय परिवर्तन के लिए दायर आवेदन को खारिज कर दिया गया है।

20 अप्रैल 20261 घंटे पहलेस्रोत: शुक्रवार संवाददाता0 बार पढ़ा गया
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आबकारी नीति मामले में केजरीवाल का दिल्ली हाईकोर्ट में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से पेशगी

आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल को दिल्ली हाईकोर्ट से एक बड़ा झटका लगा है। आबकारी नीति के विवादास्पद मामले में न्यायालय ने उनके एक महत्वपूर्ण आवेदन को खारिज कर दिया है। न्यायाधीश शर्मा की बेंच ने फैसला दिया है कि वह ही इस मामले की सुनवाई करेंगे और किसी अन्य न्यायाधीश को नहीं सौंपा जाएगा।

केजरीवाल पक्ष ने न्यायालय परिवर्तन के लिए एक आवेदन दायर किया था, लेकिन न्यायाधीश शर्मा की बेंच ने इसे स्वीकार नहीं किया। इस मामले में सोमवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से पहली सुनवाई होगी। दिल्ली हाईकोर्ट में यह एक महत्वपूर्ण सुनवाई मानी जा रही है क्योंकि इसमें सत्तारूढ़ दल के शीर्ष नेता शामिल हैं।

न्यायाधीश शर्मा की बेंच ने अपने निर्णय में कहा कि न्यायिक निर्णय कभी भी बाहरी दबाव में नहीं लिए जाते हैं। उनका कहना है कि न्यायपालिका स्वतंत्र है और किसी भी प्रभाव से मुक्त रहकर कार्य करती है। इस टिप्पणी को केजरीवाल पक्ष के विरुद्ध एक मजबूत संदेश माना जा रहा है।

आबकारी नीति विवाद में केजरीवाल को गंभीर आरोपों का सामना करना पड़ रहा है। इस मामले में विस्तृत जांच की जा रही है और कोर्ट के समक्ष विभिन्न पक्ष अपनी-अपनी दलीलें प्रस्तुत कर रहे हैं। सोमवार की सुनवाई के बाद इस मामले में अगले कदम तय होंगे।

यह निर्णय राजनीतिक हलकों में तरंग पैदा करने वाला साबित हो सकता है क्योंकि केजरीवाल दिल्ली के मुख्यमंत्री हैं और इस मामले का राजनीतिक महत्व काफी अधिक है। न्यायालय द्वारा आवेदन खारिज करना केजरीवाल के लिए एक मजबूत संकेत है कि न्यायपालिका इस मामले को गंभीरता से ले रही है।

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