राम की नगरी अयोध्या की पवित्र सरयू नदी की आरती अब और भी मनमोहक रूप धारण करने वाली है। श्रद्धा और परंपरा को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए अयोध्या प्रशासन और धार्मिक संस्थानों ने एक सराहनीय निर्णय लिया है। सरयू आरती के दौरान पूजा करने वाले पुजारियों के लिए अब एक विशेष ड्रेस कोड तैयार किया गया है जो इस पवित्र अनुष्ठान की गरिमा को बढ़ाएगा।
इस नए ड्रेस कोड के अनुसार, सप्ताह के विभिन्न दिनों में पुजारी अलग-अलग रंगों की परिधान पहनेंगे। यह व्यवस्था न केवल आरती को दृश्यमान रूप से अधिक आकर्षक बनाएगी, बल्कि पूजा की परंपराओं का पालन करते हुए आधुनिकता का समन्वय भी करेगी। प्रत्येक रंग का चयन हिंदू धर्मशास्त्र और वैदिक परंपराओं के अनुसार किया गया है।
अयोध्या नगर निगम और स्थानीय धार्मिक समितियों ने इस योजना को तैयार करने में महीनों का समय लगाया है। ड्रेस कोड का उद्देश्य सरयू आरती को विश्व मंच पर एक प्रतीकात्मक और सांस्कृतिक धरोहर के रूप में प्रस्तुत करना है। राम मंदिर के निर्माण के बाद अयोध्या में धार्मिक पर्यटन में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई है, और यह कदम उस परंपरा को जारी रखता है।
पुजारियों के लिए निर्धारित रंगों का चयन वैज्ञानिक और आध्यात्मिक दोनों कारणों पर आधारित है। माना जाता है कि विभिन्न रंगों का मानव मन और शरीर पर विशेष प्रभाव पड़ता है। इस ड्रेस कोड के माध्यम से अयोध्या एक नई पहचान बना रहा है जहां परंपरा और आधुनिकता का सुंदर मिश्रण देखने को मिलेगा।
स्थानीय पुजारियों ने भी इस निर्णय का स्वागत किया है और माना है कि यह कदम सरयू आरती को और भी पवित्र और भव्य बनाएगा। आने वाले दिनों में जब दर्शक इस नई व्यवस्था को देखेंगे, तो निश्चित ही अयोध्या की धार्मिक परंपरा का एक नया अध्याय लिखा जाएगा।