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ज्योति प्रिया मल्लिक ने TMC से इस्तीफा दिया

ज्योति प्रिया मल्लिक ने TMC के सभी पदों से इस्तीफा दिया है। उन्होंने खराब सेहत का हवाला दिया है। यह घटनाक्रम पश्चिम बंगाल की राजनीति में महत्वपूर्ण बदलाव का संकेत है।

19 जून 20261 घंटे पहलेस्रोत: शुक्रवार डेस्क6 बार पढ़ा गया
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पश्चिम बंगाल के पूर्व मंत्री ज्योति प्रिया मल्लिक ने शुक्रवार को तृणमूल कांग्रेस (TMC) के सभी पदों से इस्तीफा देने की घोषणा की। यह निर्णय उन्होंने अपनी खराब सेहत के कारण लिया है। मल्लिक का यह कदम पार्टी के लिए एक महत्वपूर्ण झटका माना जा रहा है।

ज्योति प्रिया मल्लिक ने अपने इस्तीफे की जानकारी देते हुए कहा कि उनकी सेहत पिछले कुछ समय से ठीक नहीं है। उन्होंने पार्टी के भीतर अपनी भूमिका को लेकर भी विचार किया और इस निर्णय पर पहुंचे। मल्लिक ने कुछ दिन पहले ही पार्टी में एक बड़ी जिम्मेदारी संभाली थी, लेकिन स्वास्थ्य कारणों से उन्हें यह कदम उठाना पड़ा।

पश्चिम बंगाल की राजनीति में TMC एक प्रमुख दल है, जिसे ममता बनर्जी ने स्थापित किया था। मल्लिक का इस्तीफा इस पार्टी के भीतर के अंतर्विरोधों और स्वास्थ्य समस्याओं को उजागर करता है। पिछले कुछ समय से TMC में कई नेताओं के इस्तीफे की खबरें आ रही हैं, जो पार्टी की स्थिति पर सवाल उठाती हैं।

हालांकि, पार्टी की ओर से अभी तक इस इस्तीफे पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। TMC के अन्य नेताओं ने मल्लिक के स्वास्थ्य की चिंता जताई है, लेकिन पार्टी के उच्च नेतृत्व ने इस मुद्दे पर चुप्पी साधी हुई है। यह देखना होगा कि पार्टी इस स्थिति को कैसे संभालती है।

ज्योति प्रिया मल्लिक के इस्तीफे का प्रभाव पार्टी के कार्यकर्ताओं और समर्थकों पर पड़ सकता है। उनके जाने से पार्टी के भीतर असंतोष बढ़ सकता है, खासकर उन कार्यकर्ताओं के बीच जो मल्लिक को एक प्रभावी नेता मानते थे। इससे पार्टी की एकता और मजबूती पर भी असर पड़ सकता है।

इस बीच, ममता बनर्जी की सरकार के अन्य मंत्री और नेता इस घटनाक्रम पर ध्यान दे रहे हैं। पार्टी के भीतर चल रही गतिविधियों और नेताओं के इस्तीफे के कारण TMC को अपनी रणनीतियों पर पुनर्विचार करना पड़ सकता है। यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि क्या अन्य नेता भी मल्लिक के कदम का अनुसरण करते हैं।

आगे की स्थिति में, मल्लिक के स्वास्थ्य को प्राथमिकता दी जाएगी और पार्टी उनके लिए समर्थन का प्रस्ताव रख सकती है। इसके अलावा, TMC को अपने कार्यकर्ताओं के बीच एकता बनाए रखने के लिए कदम उठाने होंगे। यह देखना होगा कि पार्टी इस स्थिति को कैसे संभालती है और आगे क्या निर्णय लेती है।

इस घटनाक्रम का महत्व पश्चिम बंगाल की राजनीति में गहराई से जुड़ा हुआ है। मल्लिक का इस्तीफा TMC के लिए एक चुनौती है, जो पार्टी के भीतर की स्थिरता को प्रभावित कर सकता है। यह स्थिति आगामी चुनावों में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।

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