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सीबीएसई 10वीं में 93.70% छात्र उत्तीर्ण, दूसरी परीक्षा की तैयारी तेज़ हुई

केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने 10वीं कक्षा की प्रथम बोर्ड परीक्षा के परिणाम घोषित कर दिए हैं, जिसमें कुल 93.70 प्रतिशत विद्यार्थी सफल रहे हैं। दूसरी बोर्ड परीक्षा की तैयारी के लिए 16 अप्रैल से लीव ऑफ एबसेंस (एलओसी) जमा करने की प्रक्रिया शुरू होगी, जिसके लिए विद्यालयों के पास मात्र 5 दिनों की समयसीमा निर्धारित की गई है।

15 अप्रैल 20262 दिन पहलेस्रोत: शुक्रवार संवाददाता4 बार पढ़ा गया
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सीबीएसई 10वीं में 93.70% छात्र उत्तीर्ण, दूसरी परीक्षा की तैयारी तेज़ हुई

सीबीएसई (केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड) ने हाल ही में 10वीं कक्षा की प्रथम बोर्ड परीक्षा का परिणाम जारी किया है। इस परीक्षा में कुल 93.70 प्रतिशत विद्यार्थी उत्तीर्ण हुए हैं, जो पिछले वर्षों की तुलना में एक सकारात्मक संकेत माना जा रहा है। यह उच्च सफलता दर शिक्षार्थियों की मेहनत और शिक्षा व्यवस्था में सुधार का परिचय देती है।

प्रथम बोर्ड परीक्षा के परिणामों की घोषणा के साथ ही, सीबीएसई ने दूसरी बोर्ड परीक्षा की तैयारी के लिए महत्वपूर्ण दिशानिर्देश जारी किए हैं। विद्यालयों को 16 अप्रैल से लीव ऑफ एबसेंस (एलओसी) सबमिट करने की प्रक्रिया शुरू करनी होगी। यह एक महत्वपूर्ण कदम है जो परीक्षा की तैयारी को सुव्यवस्थित करने के लिए उठाया गया है।

लीव ऑफ एबसेंस जमा करने के लिए सभी विद्यालयों को मात्र 5 दिनों की समयसीमा दी गई है, अर्थात् 16 अप्रैल से 20 अप्रैल तक। इस अवधि में विद्यालयों को अपने सभी पात्र विद्यार्थियों की जानकारी एकत्रित करके बोर्ड को प्रस्तुत करनी होगी। यह प्रक्रिया सुनिश्चित करती है कि दूसरी परीक्षा के लिए पंजीकरण सुचारु रूप से संपन्न हो सके।

दूसरी बोर्ड परीक्षा का आयोजन प्रथम परीक्षा के ठीक बाद किया जाएगा, जिससे विद्यार्थियों को अपनी कमजोरियों को दूर करने का अवसर मिलेगा। प्रथम परीक्षा में उत्तीर्ण होने वाले विद्यार्थी दूसरी परीक्षा में भाग ले सकते हैं ताकि वे अपने अंक में सुधार कर सकें। यह नई परीक्षा प्रणाली विद्यार्थियों को बेहतर प्रदर्शन करने के लिए प्रोत्साहित करती है।

शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि यह दोहरी परीक्षा प्रणाली विद्यार्थियों के समग्र विकास में सहायक साबित हो रही है। छात्र-छात्राओं को अपने प्रदर्शन को सुधारने का मौका मिलने से उनका आत्मविश्वास बढ़ता है और वे अपने लक्ष्य को बेहतर तरीके से पूरा कर पाते हैं। सीबीएसई द्वारा यह पहल निश्चित रूप से शिक्षा के क्षेत्र में एक सकारात्मक कदम साबित हो रहा है।

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