उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में रविवार को समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने महिला आरक्षण विधेयक पर केंद्रीय सत्ता पर तीव्र प्रहार किए हैं। उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी महिला सशक्तिकरण को पूर्णतः राजनीतिक उद्देश्यों के लिए दुरुपयोग कर रही है और वास्तविक नीति निर्माण में कोई भूमिका नहीं निभा रही है।
अखिलेश यादव के अनुसार, नारी शक्ति वंदन अधिनियम को लेकर सरकार की नीति केवल भावनात्मक अपील तक सीमित रह गई है। उन्होंने कहा कि बीजेपी सरकार महिलाओं के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को 'नारा' बना देती है, जबकि वास्तविक कार्यान्वयन में सर्वथा असफल रहती है। समाजवादी पार्टी के नेता का मानना है कि महिलाओं को केवल आरक्षण देने से ही काम नहीं चल सकता, बल्कि उन्हें शिक्षा, स्वास्थ्य और आर्थिक सुरक्षा की भी आवश्यकता है।
अखिलेश यादव ने यह भी कहा कि समाजवादी पार्टी हमेशा से महिलाओं के वास्तविक सशक्तिकरण के लिए कार्य करती आई है। उन्होंने अपनी सरकार के कार्यकाल में महिला कल्याण से संबंधित कई योजनाओं को लागू करने का दावा किया है। सपा के अध्यक्ष का विचार है कि सत्ता में आने के बाद वे महिलाओं के लिए अधिक व्यावहारिक और प्रभावी नीतियां बनाएंगे।
यह टिप्पणी केंद्र सरकार द्वारा संसद में नारी शक्ति वंदन अधिनियम पारित किए जाने के बाद आई है, जिसमें विधानसभाओं और लोकसभा में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान है। भारत की राजनीति में यह एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। अखिलेश यादव की आलोचना इस बात को लेकर है कि सरकार इस विधेयक को पूर्णरूपेण कार्यान्वित करने में देरी कर रही है और इसे केवल एक राजनीतिक स्टंट के रूप में इस्तेमाल कर रही है।