उत्तर भारत में मई का महीना आते ही गर्मी का कहर शुरू हो गया है। इस बार तो बारिश और आंधी के बावजूद भी राहत नहीं मिल रही। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, दिल्ली और उसके आसपास के इलाकों में पारा 45 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है, जो लोगों के लिए काफी परेशानी का कारण बन गया है।
उत्तर-पश्चिम भारत के विभिन्न राज्यों में गत सप्ताह कई बार बारिश और तेज आंधी का सामना करना पड़ा। पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश के कई जिलों में ओलावृष्टि भी हुई है। इन मौसमी घटनाओं से कुछ घंटों के लिए तापमान में गिरावट भी देखी गई, लेकिन यह राहत अल्पकालिक साबित हुई। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, बारिश के बाद फिर से उच्च दबाव का क्षेत्र बन गया है, जिससे तापमान में तेजी से वृद्धि हो रही है।
दिल्ली के साथ ही लखनऊ, आगरा, कानपुर और जयपुर जैसे प्रमुख शहरों में भी तापमान 43-45 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज किया गया है। स्वास्थ्य विभाग ने लू से संबंधित बीमारियों के मामलों में वृद्धि की सूचना दी है। अस्पतालों में निर्जलीकरण और लू से संबंधित रोगियों की संख्या में उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई है।
भारतीय मौसम विभाग ने अगले 4-5 दिनों के लिए गर्मी की चेतावनी जारी की है। प्रमुख शहरों में तापमान 46-47 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने की संभावना है। विभाग के अनुसार, जून के पहले सप्ताह तक कोई बड़े मानसून की प्रणाली नहीं आने वाली है। ऐसे में गर्मी जारी रहने की आशंका है।
इस असहनीय गर्मी से बचाव के लिए अधिकारियों ने जनता को सलाह दी है कि वे दिन के समय घर से बाहर निकलने से बचें। तरल पदार्थों का सेवन अधिक करें और हल्के, ढीले कपड़े पहनें। बुजुर्गों, बच्चों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। सरकार ने सार्वजनिक स्थलों पर पीने का पानी और ठंडे स्थानों की व्यवस्था की है।