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डिजिटल अरेस्ट की बढ़ती समस्या: पढ़े-लिखे लोग भी बन रहे शिकार, CJI सूर्यकांत ने जताई गंभीर चिंता

सर्वोच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश डी.वाई. सूर्यकांत ने डिजिटल अरेस्ट की बढ़ती घटनाओं पर गंभीर चिंता व्यक्त की है, जिसमें शिक्षित और समृद्ध लोग भी ठगी का शिकार बन रहे हैं। न्यायालय ने इस आपराधिक प्रवृत्ति को रोकने के लिए भारतीय रिजर्व बैंक समेत सभी बैंकों को सख्त निर्देश दिए हैं। CJI ने कहा कि यह स्थिति बेहद चिंताजनक है और तुरंत कदम उठाने की आवश्यकता है।

20 अप्रैल 20262 घंटे पहलेस्रोत: शुक्रवार संवाददाता2 बार पढ़ा गया
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डिजिटल अरेस्ट की बढ़ती समस्या: पढ़े-लिखे लोग भी बन रहे शिकार, CJI सूर्यकांत ने जताई गंभीर चिंता

सर्वोच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश डी.वाई. सूर्यकांत ने डिजिटल अरेस्ट नामक साइबर अपराध की घटनाओं को लेकर अपनी गहरी चिंता व्यक्त की है। इस प्रकार का अपराध देश के विभिन्न हिस्सों में तेजी से बढ़ रहा है और लाखों लोग इसका शिकार बन रहे हैं। CJI सूर्यकांत ने विशेष रूप से इस बात पर जोर दिया कि शिक्षित वर्ग के लोग भी इन ठगों के चंगुल में फंस रहे हैं, जो कि अत्यंत चिंताजनक है।

डिजिटल अरेस्ट एक ऐसी धोखाधड़ी है जिसमें अपराधी फोन के माध्यम से लोगों को डराते-धमकाते हैं और उन्हें सरकारी अधिकारी होने का नाटक करके धन निकलवाते हैं। इस अपराध में अपराधी पीड़ित के डिवाइस को ब्लॉक कर देते हैं और कानूनी कार्रवाई का डर दिखाकर पैसे मांगते हैं। महत्वपूर्ण बात यह है कि इस प्रकार के अपराध में शिक्षित और तकनीकी ज्ञान रखने वाले लोग भी पकड़े जा रहे हैं, जो इस समस्या की गंभीरता को दर्शाता है।

न्यायालय की चिंता के पीछे एक महत्वपूर्ण कारण यह है कि इस प्रकार के अपराध से पीड़ितों को भारी आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ रहा है। कई पीड़ित अपनी सारी बचत खो चुके हैं और कुछ को तो मानसिक आघात भी झेलना पड़ा है। इस समस्या को नियंत्रित करने के लिए CJI सूर्यकांत ने भारतीय रिजर्व बैंक और सभी वाणिज्यिक बैंकों को सख्त निर्देश दिए हैं।

दिए गए निर्देशों के तहत बैंकों को संदिग्ध लेनदेन पर अधिक सतर्कता बरतनी होगी और किसी भी असामान्य धन हस्तांतरण के मामले में तुरंत जांच करनी होगी। RBI और बैंकों को ग्राहकों को डिजिटल अरेस्ट के बारे में जागरूक करने का भी निर्देश दिया गया है। न्यायालय ने यह भी कहा है कि साइबर क्राइम विभाग को इन मामलों में तेजी से कार्रवाई करनी चाहिए और अपराधियों को पकड़ना चाहिए।

CJI ने जोर देते हुए कहा कि यह केवल एक बैंकिंग समस्या नहीं है, बल्कि एक गंभीर सामाजिक और कानूनी समस्या है जिसके लिए बहु-स्तरीय दृष्टिकोण की आवश्यकता है। सरकार, बैंकिंग क्षेत्र, साइबर सुरक्षा विशेषज्ञ और जनता सभी को मिलकर इस चुनौती का सामना करना होगा। आम लोगों को भी सतर्क रहना चाहिए और किसी भी संदिग्ध फोन कॉल या संदेश को गंभीरता से न लेते हुए तुरंत पुलिस को सूचित करना चाहिए।

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