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खेल जगत में तूफान: नीरज चोपड़ा समेत खिलाड़ियों ने कोच नवल सिंह के खिलाफ दर्ज किए गंभीर आरोप

पैरालंपिक स्वर्ण पदक विजेता सुमित अंतिल ने अपने कोच नवल सिंह पर मानसिक उत्पीड़न और दुर्व्यवहार का गंभीर आरोप लगाया है। ओलंपिक चैंपियन नीरज चोपड़ा समेत अन्य खिलाड़ियों ने भी इन आरोपों का समर्थन किया है। यह मामला अब खेल प्राधिकरण (एसएआई) तक पहुंच गया है।

17 अप्रैल 202617 घंटे पहलेस्रोत: शुक्रवार संवाददाता0 बार पढ़ा गया
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खेल जगत में तूफान: नीरज चोपड़ा समेत खिलाड़ियों ने कोच नवल सिंह के खिलाफ दर्ज किए गंभीर आरोप

भारतीय खेल जगत में एक बड़ा विवाद सामने आया है जब पैरालंपिक स्वर्ण पदक विजेता सुमित अंतिल ने अपने कोच नवल सिंह के खिलाफ मानसिक उत्पीड़न और दुर्व्यवहार के आरोप लगाए हैं। यह आरोप केवल एक खिलाड़ी तक सीमित नहीं है, बल्कि ओलंपिक चैंपियन नीरज चोपड़ा और अन्य प्रतिभाशाली जेवलिन थ्रोअर्स ने भी इन आरोपों की पुष्टि की है।

सुमित अंतिल ने अपनी शिकायत में कोच नवल सिंह के व्यवहार को लेकर कड़े सवाल उठाए हैं। उन्होंने बताया है कि कोच की ओर से उन्हें और अन्य खिलाड़ियों को विभिन्न तरीकों से मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया। इन आरोपों में प्रशिक्षण सत्र के दौरान अपमानजनक व्यवहार, असमान व्यवहार और प्रेरणा देने के नाम पर भी कड़े शब्दों का प्रयोग शामिल है। अंतिल का कहना है कि ऐसा माहौल न केवल उनकी खेल प्रदर्शन को प्रभावित करता है, बल्कि उनके मानसिक स्वास्थ्य को भी नुकसान पहुंचाता है।

इन आरोपों का समर्थन करते हुए नीरज चोपड़ा, जिन्होंने भारत के लिए पेरिस ओलंपिक्स 2024 में स्वर्ण पदक जीता है, ने भी इसी कोच के साथ अपने अनुभव साझा किए हैं। नीरज ने बताया कि ऐसी कार्य प्रणाली में सुधार की तत्काल आवश्यकता है। अन्य खिलाड़ियों ने भी समान मुद्दों को उजागर किया है, जिससे यह साफ हो जाता है कि यह कोई अकेली घटना नहीं है।

इस पूरे मामले की जानकारी खेल प्राधिकरण (एसएआई) को दी गई है, जो भारत में खेल से जुड़े सभी मानकों को लागू करने के लिए जिम्मेदार है। एसएआई के अधिकारियों ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच की प्रक्रिया शुरू कर दी है। संस्था के पास अब यह जिम्मेदारी है कि वह सभी तथ्यों को सुनिश्चित करे और उचित कार्रवाई करे।

यह घटना भारतीय खेल प्रशिक्षण व्यवस्था में एक महत्वपूर्ण सवाल उठाती है - क्या हमारे कोच पर्याप्त रूप से प्रशिक्षित और नैतिक रूप से जवाबदेह हैं? खिलाड़ियों का मानसिक स्वास्थ्य और कल्याण उतना ही महत्वपूर्ण है जितना उनकी शारीरिक शक्ति। आने वाले समय में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए खेल संस्थाओं को अधिक सख्त और पारदर्शी कार्यप्रणाली अपनानी होगी।

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