राजस्थान के कोटा शहर में साइबर अपराध का एक बड़ा नेटवर्क उजागर हुआ है। कोटा साइबर पुलिस टीम ने 43 लाख रुपये की ठगी से संबंधित मामले में चार आरोपियों को भोपाल से सफलतापूर्वक गिरफ्तार किया है। पुलिस की गहन जांच से यह तथ्य सामने आया है कि यह ठगी का नेटवर्क अंतरराष्ट्रीय स्तर पर संचालित था और इसके तार पाकिस्तान तथा दुबई तक फैले हुए थे।
अपराध के इस गिरोह की कार्यप्रणाली अत्यंत परिष्कृत थी। आरोपी विभिन्न डिजिटल माध्यमों का उपयोग करके नागरिकों को धोखाधड़ी के शिकार बनाते थे। पुलिस के अनुसार, यह गिरोह आॉनलाइन माध्यमों से लोगों की व्यक्तिगत जानकारी प्राप्त करता था और फिर विभिन्न प्रकार की धोखाधड़ी करता था। जांच में यह भी पता चला कि इस नेटवर्क का संचालन बहुत ही गुप्त तरीके से किया जा रहा था और कई देशों में इसके सदस्य थे।
गिरफ्तार किए गए आरोपियों के पास से कोटा पुलिस को कई महत्वपूर्ण सामग्रियां बरामद हुई हैं। इनमें कई स्मार्टफोन, लैपटॉप कंप्यूटर, एटीएम कार्ड और अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेज शामिल हैं। ये सभी वस्तुएं इस अपराधिक नेटवर्क के संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही थीं। पुलिस ने इन सभी वस्तुओं को साक्ष्य के रूप में अपने कब्जे में लिया है।
कोटा साइबर पुलिस ने पीड़ितों को राहत देने के लिए कुछ जब्त की गई रकम को उन्हें लौटा दिया गया है। हालांकि, पूरी रकम वापस मिल पाना अभी बाकी है क्योंकि आरोपियों ने चोरी के पैसों का एक बड़ा हिस्सा विदेशों में ट्रांसफर कर दिया था। पुलिस इंटरपोल और अंतरराष्ट्रीय साइबर अपराध जांच एजेंसियों के साथ समन्वय में बाकी बची रकम को वापस लाने की कोशिश कर रही है।
इस मामले की जांच अभी जारी है और पुलिस अन्य संदिग्ध व्यक्तियों की पहचान करने में लगी है। साइबर अपराधियों का यह नेटवर्क कितने लोगों को ठगने में सफल रहा है, इसका पूर्ण विवरण अभी सामने नहीं आया है। कोटा पुलिस प्रशासन ने नागरिकों को साइबर ठगों से सावधान रहने की सलाह दी है और ऑनलाइन लेनदेन में अधिकतम सतर्कता बरतने का आग्रह किया है।