उत्तर प्रदेश के कानपुर शहर में एक बेहद संवेदनशील और भयावह घटना का खुलासा हुआ है। जुड़वां बेटियों की हत्या के इस मामले में पुलिस की जांच में नई और चौंकाने वाली जानकारियां सामने आई हैं। आरोपी पिता ने अपनी बेटियों के साथ जो क्रूरता की है, वह मानवता के विरुद्ध एक गंभीर अपराध है। प्रारंभिक जांच से पता चला है कि हत्या से पहले पिता ने बेटियों को नशीली दवा का सेवन कराया था।
जांच अधिकारियों के अनुसार, नशीली दवा देने का कारण यह था कि बेटियां किसी भी प्रकार का प्रतिरोध न कर सकें। इस दवा के प्रभाव में आने के बाद बेटियां अपना बचाव नहीं कर पाईं और न ही किसी से मदद मांग सकीं। यह तरीका अपनाकर पिता ने अपने घृणित इरादे को पूरा किया है। दवा के कारण बेटियां पूरी तरह असहाय और बेजान हो गई थीं।
पोस्टमार्टम परीक्षा के समय चिकित्सकों की टीम इस घटना की भयंकरता देखकर स्तब्ध रह गई। डॉक्टरों के हाथ कांपने लगे जब उन्हें बेटियों के शरीर पर किए गए घाव दिखाई दिए। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से यह स्पष्ट हुआ कि इस अपराध को पूर्व निर्धारित तरीके से किया गया था। मृतकों के शरीर की स्थिति से इस अपराध की क्रूरता और पूर्वनियोजित प्रकृति का पता चलता है।
पुलिस ने आरोपी पिता को गिरफ्तार कर लिया है और उसके खिलाफ अत्यंत गंभीर आरोपों का दर्ज मामला बनाया गया है। जांच दल पिता से उसके इस घृणित कृत्य के कारणों का पता लगाने की कोशिश कर रहा है। इस घटना ने पूरे कानपुर शहर को झकझोर दिया है और परिवार से जुड़ी सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।
बाल सुरक्षा विभाग और महिला कल्याण विभाग के अधिकारियों ने इस घटना पर अपनी चिंता व्यक्त की है। ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए समाज को अधिक सचेत होने की आवश्यकता है। परिवार के सदस्यों और पड़ोसियों को बच्चों के साथ होने वाले किसी भी दुर्व्यवहार पर तुरंत प्रशासन को सूचित करना चाहिए।