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उत्तराखंड कांग्रेस में घुलमिल नहीं रहा विरोध: हरीश रावत के आयोजन में कई प्रभावशाली नेताओं की अनुपस्थिति

उत्तराखंड कांग्रेस में आंतरिक मतभेद बरकरार हैं। पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में कई वरिष्ठ नेता शामिल नहीं हुए, जो पार्टी में चल रही कड़वाहट को प्रदर्शित करता है।

18 अप्रैल 20266 घंटे पहलेस्रोत: शुक्रवार संवाददाता0 बार पढ़ा गया
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उत्तराखंड कांग्रेस में घुलमिल नहीं रहा विरोध: हरीश रावत के आयोजन में कई प्रभावशाली नेताओं की अनुपस्थिति

उत्तराखंड कांग्रेस में भीतरी कलह की स्थिति लगातार गंभीर बनी हुई है। कांग्रेस के प्रभावशाली नेता और पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत द्वारा आयोजित एक सामाजिक कार्यक्रम में कई महत्वपूर्ण नेताओं की अनुपस्थिति पार्टी में गहराती हुई खाई को उजागर करती है। इस घटना से स्पष्ट हो गया है कि पार्टी के भीतर असंतोष और विभाजन की समस्या अब सतह पर आने लगी है।

पार्टी के आंतरिक विरोध और नेतृत्व में असहमति की परिस्थिति उत्तराखंड कांग्रेस को कमजोर बनाती जा रही है। हरीश रावत के इस कार्यक्रम में कई प्रमुख नेताओं का नदारद रहना संकेत देता है कि पार्टी के विभिन्न समूहों के बीच की दूरी कम होने का नाम नहीं ले रही है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि ऐसी स्थिति पार्टी की एकता और शक्ति को प्रभावित करती है।

उत्तराखंड में कांग्रेस की इस नकारात्मक स्थिति को पार्टी के नेतृत्व के लिए एक गंभीर चेतावनी माना जा रहा है। अगर पार्टी अपने भीतर की असहमति को दूर नहीं करेगी, तो यह राज्य में अपनी राजनीतिक स्थिति को और भी कमजोर करेगी। पार्टी के शीर्ष नेताओं को चाहिए कि वे तत्काल आंतरिक विरोध को समाप्त करने के लिए कदम उठाएं।

पार्टी के विभिन्न गुटों के बीच समन्वय की कमी और विचारधारात्मक मतभेद पार्टी की एकजुटता को चोट पहुंचा रहे हैं। हरीश रावत समेत अन्य वरिष्ठ नेताओं के बीच की दूरी पार्टी की आंतरिक कमजोरी को दर्शाती है। राजनीतिक गलियारों में कहा जा रहा है कि यदि पार्टी अपनी एकता बहाल नहीं कर पाई, तो आने वाले चुनावों में इसका नुकसान भुगतना पड़ सकता है।

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