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इस्राइल को 'महान सहयोगी' बताकर ट्रंप ने नेतन्याहू का गुस्सा शांत करने की कोशिश की

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस्राइल को अपना महान सहयोगी बताया है। यह टिप्पणी तब आई है जब नेतन्याहू लेबनान में हमलों को लेकर ट्रंप के कुछ पहले के बयानों से नाखुश दिख रहे थे। विशेषज्ञों का मानना है कि ट्रंप इस तरह के बयान से इस्राइली नेतृत्व को प्रसन्न रखने का प्रयास कर रहे हैं।

19 अप्रैल 20262 घंटे पहलेस्रोत: शुक्रवार संवाददाता4 बार पढ़ा गया
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इस्राइल को 'महान सहयोगी' बताकर ट्रंप ने नेतन्याहू का गुस्सा शांत करने की कोशिश की

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में इस्राइल को अपना एक महान सहयोगी और महत्वपूर्ण रणनीतिक साझेदार बताया है। यह बयान तब सामने आया है जब भारत-प्रशांत क्षेत्र में राजनीतिक तनाव की स्थिति बनी हुई है। ट्रंप की यह टिप्पणी इस्राइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के साथ संबंधों को मजबूत करने की दिशा में एक स्पष्ट कदम माना जा रहा है।

इसके पहले, ट्रंप ने लेबनान में इस्राइली हमलों के संबंध में कुछ टिप्पणियां की थीं जिन्हें लेकर नेतन्याहू असंतुष्ट दिख रहे थे। उन्होंने इस्राइली सैन्य कार्रवाइयों के प्रति अपनी चिंता व्यक्त की थी, जिससे इस्राइली सरकार में नाराजगी की स्थिति बन गई थी। माना जा रहा है कि ट्रंप की ताजा टिप्पणी इसी नाराजगी को दूर करने का एक प्रयास है।

अंतरराष्ट्रीय राजनीति के विश्लेषकों के अनुसार, अमेरिकी विदेश नीति में इस्राइल की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। मध्य पूर्व में अमेरिकी प्रभाव बनाए रखने के लिए इस्राइल के साथ मजबूत संबंध आवश्यक हैं। ट्रंप की यह रणनीति न केवल इस्राइल को संतुष्ट करने के लिए है, बल्कि मध्य पूर्व में अमेरिकी राजनीतिक प्रभाव को बनाए रखने का भी हिस्सा है।

लेबनान की स्थिति वर्तमान समय में काफी संवेदनशील है। हिजबुल्लाह जैसे संगठनों की मौजूदगी के कारण इस क्षेत्र में किसी भी सैन्य कार्रवाई के गंभीर परिणाम हो सकते हैं। ट्रंप की पहली टिप्पणी को इसी संदर्भ में समझा जाना चाहिए, जहां वह एक विस्तृत संघर्ष की चेतावनी देना चाहते थे। हालांकि, इस बयान से इस्राइली नेतृत्व को लगा कि अमेरिका इस मुद्दे पर उनके साथ पूरी तरह खड़ा नहीं है।

वर्तमान समय में ट्रंप की महत्वाकांक्षाएं अंतरराष्ट्रीय मंच पर बहुत महत्वपूर्ण हैं। वह अपने प्रशासन के दौरान एक मजबूत राष्ट्रीय छवि बनाना चाहते हैं और इसके लिए प्रमुख सहयोगियों के साथ संबंध सुदृढ़ करना जरूरी है। इस्राइल के साथ मजबूत संबंध अमेरिकी हितों के लिए भी महत्वपूर्ण माने जाते हैं। विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले समय में अमेरिका-इस्राइल संबंध और भी गहरे हो सकते हैं।

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