रामनगरी अयोध्या की पावन सरयू नदी की आरती को और भी मनोहारी बनाने के लिए एक नई परंपरा की शुरुआत की गई है। प्रशासन ने आरती में भाग लेने वाले पुजारियों के लिए एक विशेष ड्रेस कोड निर्धारित किया है जो सप्ताह के प्रत्येक दिन के लिए अलग-अलग है। यह कदम न केवल आरती की भव्यता को बढ़ाएगा बल्कि इसे एक व्यवस्थित और सांस्कृतिक रूप प्रदान करेगा।
इस नई व्यवस्था के तहत सोमवार से रविवार तक प्रत्येक दिन के लिए विशिष्ट रंग के परिधान तय किए गए हैं। सूर्य देव से लेकर विभिन्न देवताओं से संबंधित रंगों का चयन किया गया है जो हिंदू धर्म की प्राचीन परंपरा और आध्यात्मिकता को दर्शाता है। प्रत्येक रंग का अपना महत्व है और इसे वैदिक ज्ञान के आधार पर चुना गया है। इस प्रणाली से आरती में एक रंगीन और आकर्षणीय दृश्य बनता है जो श्रद्धालुओं को मुग्ध करता है।
अयोध्या राम मंदिर के प्राण-प्रतिष्ठा के बाद से यह शहर राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर सांस्कृतिक पर्यटन का केंद्र बन गया है। प्रतिदिन हजारों श्रद्धालु और पर्यटक सरयू आरती को देखने आते हैं। इस बढ़ती भीड़ को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने आरती को अधिक संगठित और दृश्यमान बनाने का निर्णय लिया है। ड्रेस कोड की यह व्यवस्था आरती के दौरान एकता और सामंजस्य का भाव प्रकट करती है।
स्थानीय पुजारियों और धार्मिक संगठनों ने इस पहल का स्वागत किया है। उन्होंने कहा है कि यह कदम न केवल आरती को सुंदर बनाता है बल्कि इसे एक पहचानयोग्य और परिभाषित सांस्कृतिक कार्यक्रम के रूप में स्थापित करता है। इस व्यवस्था से आने वाले समय में अयोध्या की सरयू आरती विश्व के सबसे भव्य और व्यवस्थित धार्मिक समारोहों में से एक बन जाएगी। पर्यटकों के लिए भी यह एक अविस्मरणीय अनुभव होगा।