रामनगरी अयोध्या की पवित्र संध्या अब और भी आकर्षक होने जा रही है। सरयू नदी के किनारे प्रतिदिन होने वाली आरती को अधिक मनोहारी और व्यवस्थित बनाने के लिए धार्मिक प्रशासन ने एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। पुजारियों के लिए अब एक विशेष ड्रेस कोड तय किया गया है, जिसके तहत प्रत्येक दिन विशेष रंगों की परिधान निर्धारित की गई है।
इस नई व्यवस्था का उद्देश्य सरयू आरती को एक सुव्यवस्थित और दृश्यमान सुंदर समारोह बनाना है। धार्मिक दृष्टि से भी विभिन्न रंगों का अपना महत्व माना जाता है। प्रत्येक रंग विशेष देवीय शक्तियों और आध्यात्मिक अर्थों का प्रतीक माना जाता है। इसी परंपरा और आधुनिक सौंदर्यबोध को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया गया है।
सूत्रों के अनुसार, सोमवार से लेकर रविवार तक प्रत्येक दिन के लिए अलग-अलग रंगों का चयन किया गया है। इन रंगों का चुनाव भारतीय धार्मिक परंपराओं के अनुसार किया गया है, जहां प्रत्येक दिन का अपना देवता और विशेषता होती है। पुजारियों को इन रंगों का सख्ती से पालन करना होगा ताकि आरती की विधि प्रक्रिया सदैव एक समान और भव्य दिखे।
यह कदम अयोध्या के पर्यटकों और श्रद्धालुओं के लिए एक अतिरिक्त आकर्षण साबित होगा। हर दिन अलग रंग की परिधान में पुजारियों को देखना एक दृश्य सौंदर्य प्रदान करेगा। रामनगरी की इस ऐतिहासिक नदी की आरती की परंपरा को आधुनिक व्यवस्था के साथ संरक्षित रखना भी इस निर्णय का एक प्रमुख उद्देश्य है।
अयोध्या प्रशासन का मानना है कि यह नई व्यवस्था न केवल आरती को अधिक आकर्षक बनाएगी, बल्कि इसे एक मानकीकृत धार्मिक अनुष्ठान के रूप में भी स्थापित करेगी। इससे सांस्कृतिक पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा और अयोध्या की धार्मिक विरासत को विश्वव्यापी स्तर पर और सुदृढ़ किया जा सकेगा।