सोमवार, 15 जून 2026भाषा: हिंदी
शुक्रवार डिजिटल
bharat

भारतीय सेना ने ड्रेस मैनुअल में बदलाव किया

भारतीय सेना ने अपने ड्रेस मैनुअल में महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं। गुलामी के प्रतीकों को हटाने के साथ-साथ 'रॉयल' शब्द को भी समाप्त किया गया है। परेड के दौरान तलवार रखने की अनिवार्यता को भी समाप्त कर दिया गया है।

15 जून 20262 घंटे पहलेस्रोत: शुक्रवार डेस्क8 बार पढ़ा गया
WXfT

भारतीय सेना ने हाल ही में अपने ड्रेस मैनुअल में बदलाव किया है। इस बदलाव में गुलामी के प्रतीकों को हटाने का निर्णय लिया गया है। इसके साथ ही, 'रॉयल' शब्द को भी मैनुअल से हटा दिया गया है। यह बदलाव भारतीय सेना के इतिहास और संस्कृति को ध्यान में रखते हुए किया गया है।

इस नए ड्रेस मैनुअल में कई महत्वपूर्ण बिंदुओं को शामिल किया गया है। परेड के दौरान अब तलवार रखना अनिवार्य नहीं होगा, जो पहले एक परंपरा थी। यह निर्णय सेना की आधुनिकता और व्यावहारिकता को दर्शाता है। इसके अलावा, नए मैनुअल में अन्य बदलाव भी किए गए हैं जो सेना के जवानों की कार्यक्षमता को बढ़ाने में सहायक होंगे।

भारतीय सेना का यह कदम एक महत्वपूर्ण ऐतिहासिक संदर्भ में आता है। लंबे समय से, सेना के ड्रेस मैनुअल में ऐसे प्रतीकों का उपयोग होता रहा है जो औपनिवेशिक अतीत से जुड़े हुए थे। इस बदलाव के माध्यम से, सेना ने अपने मूल्यों और संस्कृति को पुनः स्थापित करने का प्रयास किया है। यह कदम भारतीय समाज में एक नई सोच को भी दर्शाता है।

इस बदलाव पर भारतीय सेना की ओर से कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। हालांकि, यह बदलाव सेना के भीतर एक सकारात्मक प्रतिक्रिया का संकेत देता है। सेना के जवानों और अधिकारियों के बीच इस निर्णय को लेकर उत्साह देखा जा रहा है। यह बदलाव सेना की छवि को और अधिक मजबूत बनाने में सहायक होगा।

इस बदलाव का सीधा प्रभाव सेना के जवानों पर पड़ेगा। अब जवानों को परेड के दौरान तलवार रखने की चिंता नहीं होगी, जिससे उनकी तैयारी और ध्यान केंद्रित करने में मदद मिलेगी। इसके अलावा, यह बदलाव जवानों के मनोबल को भी बढ़ाने में सहायक होगा।

इससे पहले, सेना ने कई अन्य सुधारों की दिशा में भी कदम उठाए हैं। इनमें प्रशिक्षण विधियों में सुधार और तकनीकी उपकरणों का समावेश शामिल है। ये सभी कदम सेना की कार्यक्षमता और आधुनिकता को बढ़ाने के लिए उठाए गए हैं।

आगे की प्रक्रिया में, यह देखना होगा कि इस नए ड्रेस मैनुअल का कार्यान्वयन कैसे किया जाएगा। सेना के अधिकारियों को इस बदलाव को लागू करने में समय लगेगा। इसके साथ ही, जवानों को नए मैनुअल के अनुसार प्रशिक्षित करने की आवश्यकता होगी।

इस बदलाव का महत्व भारतीय सेना के लिए अत्यधिक है। यह न केवल सेना की छवि को सुधारने में मदद करेगा, बल्कि यह जवानों के मनोबल को भी ऊंचा करेगा। इस प्रकार, यह कदम भारतीय सेना के इतिहास में एक नया अध्याय जोड़ने का कार्य करेगा।

टैग:
भारतीय सेनाड्रेस मैनुअलगुलामीपरेड
WXfT

bharat की और ख़बरें

और पढ़ें →